What is wipo in hindi (wipo क्या है जाने हिंदी भाषा मे)

हेल्लो दोस्तों आपने भी कही कही ये विपो शब्द जरुर सुना होगा आज हम इसी के बारे में जानेंगे की ये wipo क्या होता है और ये क्यों जानना जरुरी है उन लोगो के लिए जो क्रिएटर है या आर्टिस्ट है या कोई डेवलपर है किस तरह से हम विपो की सहायता से हमारे ऑडियो विडियो ग्राफ़िक्स या किसी व्यक्ति की सहायता से किया गया कोई भी आविष्कार को विपो की सहायता से सुरक्षित कर सकते है|

What is wipo in hindi ?

wipo का पूरा नाम The World Intellectual Property Organization है विपो united nation की 17 वी specialized agency मे से एक हैwipo convention 14 July 1967 मे हुआ था तब ये बना था विपो का headquarter Geneva, Switzerland मे हैविपो intellectual property law को पूरे संसार मे प्रमोट करती है|

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What is intellectual property in hindi ?

Intellectual property व्यक्ति के सोच और समझ के सहायता से किये गये आविष्कारो, artistic,  music, चिन्ह, प्रतिक (logo), डिजाईन, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट आदि से आती है
जिस प्रकार कोई व्यक्ति फिजिकल प्रापर्टी का मालिक होता है उसी प्रकार कोई व्यक्ति इंटेलएक्चुअल प्रॉपर्टी का मालिक हो सकता है। इसके लिये Intellectual Property Law की सहायता से अधिकार प्रदान किये जाते हैं। आप अपने इंटेलएक्चुअल प्रॉपर्टी के उपयोग का नियंत्रण कर सकते हैं और इसका उपयोग करके आप बिज़नस या धन कमा सकते है  इसलिए आपके काम मतलब आपकी Intellectual property को कोई चुरा ले उसके लिए इसकी सुरक्षा भी जरुरी होती है और ये इंटेलएक्चुअल प्रॉपर्टी कानून की सहायता से की जाती है और इससे अन्य बाकि सब लोग भी उत्साहित और प्रेरित होते है इंटेलएक्चुअल प्रॉपर्टी को बनाने अविष्कार करने में|


What is intellectual property law ?

यदि आप YouTube creators है सॉफ्टवेर डेवलपर है या मल्टीमीडिया एप्लीकेशन बनाना चाहते है तो आप को text, graphics, video, audio, की जरुरत होती है हम इन्हें बना सकते है या कही और से लेने वाली कंडीशन मे हमे इनके कानून को समझना होगा और ये सभी Intellectual Property Law के अन्दर आते है|

Types of intellectual property law


  1. Copyright law
  2. Patent law
  3. Trademark law
  4. Trade secret law

Copyright law :

यह एक प्रकार का अधिकार है जब कोई क्रिएटर, राइटर, पब्लिशर, सिंगर, डेवलपर आदि सभी जब तक उसके कार्य को कॉपी करने का अधिकार नही देता है तब तक उसके कार्य को कोई उसकी अनुमति के बिना कॉपी नही कर सकता है यह हम जैसे राइटर, YouTuber, क्रिएटर, राइटर, पब्लिशर, सिंगर, डेवलपर आदि के सभी आर्टिस्टिक लोगो के लिए कॉपीराईट कानून आवश्यक होता है इसकी सहायता से हम हमारे कार्य को सुरक्षित चोरी होने से बचा सकते है अगर हमारे कार्य को कोई कॉपी करता है तो हम इसके खिलाफ कॉपीराइट कानून की सहायता से कार्यवाही कर सकते है आमतोर पर, आर्टिस्टिक व्यक्ति को अपने सहायता से किये गये अविष्कार और रचनात्मक कार्य को सुरक्षित करने के लिए किसी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नही होती है केवल आर्टिस्टिक व्यक्ति को नाम और रचना की हुई दिनांक लिखने पर सुरक्षित हो जाती है (उदहारण: जयंत,2012 लिख देने से रचना अपने आप सुरक्षित हो जाती है) भारतीय सविधान के कॉपीराइट एक्ट 1957, जो जनवरी 1958 से कार्य रूप में आया जो की पांच बार संशोधन हो चूका है (1983, 1984, 1992, 1994, or 1999) के तहत किसी अविष्कार के रजिस्ट्रेशन का आवेदन फॉर्म-IV को भरकर, शिक्षा विभाग, नई दिल्ली के कॉपीराइट कार्यलाये मे जमा किया जा सकता है प्रकिया  पूरी होने पर रजिस्ट्रेशन भी प्राप्त किया जा सकता है| यह रजिस्ट्रेशन रचनाकार के जीवन प्रयतन तथा तत्पश्चात 50 वर्षो तक मान्य रहता है| कॉपीराइट कानून की सहायता से हम कंप्यूटर सॉफ्टवेर, poems, सॉफ्टवेर डॉक्यूमेंट, म्यूजिक, dramatic, ग्राफ़िक्स, audio visual work, sound recording, आर्किटेक्चर कार्य, इस प्रकार के सभी कंटेंट्स को हम कॉपीराइट कानून की सहायता से सुरक्षित कर सकते है|


Patent law:

पेटेंट कानून की सहायता से आविष्कारक (developers) अपने प्रोडक्ट को जिसका अविष्कार उन्होंने किया हो उस पर अपना write claim कर सकते है जैसे की मान लीजिये की मैंने एक केमिकल तेयार किया है तो मे उस पर अपना write claim कर सकता हु और किसी को भी लीगल तरीके से बता सकता हु की ये केमिकल मैंने तेयार किया है इस पर मेरा अधिकार है और ये केमिकल कोई और भी तेयार सकता है या आपका आईडिया कोई चोरी कर सकता है लेकिन आईडिया उसी का माना जायेगा और वो केमिकल उसी का माना जायेगा जो उसे ऑफिशियली रजिस्टर करवा देगा इस आईडिया को रजिस्टर करवाने के प्रोसेस को patent कहा जाता है और patent करवाने पर ही आपको उस आईडिया केमिकल पर एकाधिकार मिलता है| पेटेंट कानून में किसी भी प्रकार का प्रोडक्ट सकता है जैसे की इलेक्ट्रिकल, केमिकल, प्रोसेस, आदि|

पेटेंट कानून तीन प्रकार के होते है
  1. Utility  Patent Law
  2. Design Patent Law

Utility Patent Law :

अगर मे आपसे इन्टरनेट की बात करू तो उसमे कम्युनिकेशन प्रोटोकोल, डाटा कम्प्रेशन, इंटरफ़ेस, इनफार्मेशन प्रोसेसिंग, ये सभी Utility Patent की सहायता से सुरक्षित किया जा सकता है|

Design Patent Law : 

अगर आपने किसी प्रोडक्ट को लांच किया हो और अपने उस प्रोडक्ट पर कोई डिजाईन, चिन्ह, logo गा रखा हो तो ये डिजाईन पेटेंट कानून की सहायता से सुरक्षित किया जाता है और इसकी सहायता से प्रोडक्ट के ओरिजिनल और डुप्लीकेट होने की पहचान की जाती है और गैर क़ानूनी इस्तेमाल को रोकता है जैसे की Nike shoes के logo, हेलमेट पर लगे चिन्ह आदि|
ध्यान रहे आप सिर्फ उन्ही प्रोडक्ट्स या रचनात्मकता को पेटेंट करा सकते है जो आपके द्वारा तेयार की गई हो और जो बिलकुल नई हो, useful हो, जनरल हो और कोई subject matter हो जिसका पेटेंट किया जा सके|


Trademark Law 

ट्रेडमार्क एक ब्रांड नाम होता है जो किसी प्रोडक्ट में भेद करने के लिए, प्रोडक्ट की पहचान करने के लिए, ट्रेडमार्क का उपयोग किया जाता है किसी भी शब्द, चिन्ह, डिवाइस, नाम एक ट्रेडमार्क हो सकता है प्रोडक्ट को पहचान देने के लिए tademark का उपयोग किया जाता है ट्रेडमार्क को पहचान देने के लिए साउंड, कलर, चिन्ह, नाम का उपयोग किया जा सकता है और उसे रजिस्टर करा सकते है ताकि कोई और उसे उपयोग में ले सके जैसे की कोका-कोला की बोतल का आकर ट्रेडमार्क के सहयता से सुरक्षित किया गया है अब अन्य कोल्ड्रिंक कम्पनीज उसी आकर की बोतल का उपयोग नही कर सकती है tademark एक ब्रांड नाम और पहचान देने के लिए उपयोगी है जो प्रोडक्ट और सर्विसेज की मार्केटिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है किसी प्रोडक्ट पर उपलब्ध चिन्ह से साफ पता लगाया जाता है की ये किसी विशेष कम्पनी ने बनाया है| ट्रेडमार्क पंजीकृत और गैर-पंजीकृत दो प्रकार के होते है भारत सरकार tademark का उपयोग ISI चिन्ह, ISO चिन्ह, और खाने पिने की सामग्री पर मांसाहारी और शाहकारी सामग्री की पहचान करने के लिए लाल चिन्ह और हरे चिन्ह का उपयोग करती है|

Trade secret Law :

इस कानून की सहायता से हमारे प्रोडक्ट बनाने के प्रोसेस, फार्मूला को सीक्रेट रख सकते है ताकि कोई और उस प्रोसेस और फार्मूला को उपयोग कर सके|

उदहारण : संसार के टॉप 10 सॉफ्ट ड्रिंक की बात करे तो नंबर 1 पर कोका-कोला आती है उसका रीज़न यह की कोका-कोला को बनाने का फार्मूला है वो ट्रेड सीक्रेट कानून की सहायता से सुरक्षित है और उसकी बोत्तल के आकार को भी ट्रेडमार्क कानून की सहायता से सुरक्षित कर रखा है जिस वजह से आज तक कोई अन्य सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी कोका-कोला जेसी ड्रिक नही बना पाई और ही उस फार्मूला का कोई पता लगा सकता है जिस फार्मूला की सहायता से कोका-कोला ड्रिंक बनाती है|


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